20081112

पुष्कर मेला परवान पर

विदेशी सैलानियो की तादाद पिछले साल की तुलना में कम
अजमेर के पास प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पुष्कर धार्मिक मेला ब्रह्ममहूर्त में कार्तिक एकादशी से प्रारंभ हो गया है। हजारों श्रद्धालुओं ने सरोवर में स्नान कर पूजा अर्चना की। कहते हैं यहाँ पूर्णिमा तक ब्रह्म एवं अन्य सभी 33 करोड़ देवी देवता पुष्कर में निवास करते है।

पंचतीर्थ स्नान 13 नवंबर को पूर्णिमा को संपन्न होगा। इस वर्ष पुष्कर पशु मेले में विभिन्न प्रजाति के सत्रह हजार पशु आए। पिछले वर्ष के मुकाबले ऊंट कम संख्या में आए, लेकिन फिर भी संख्या सर्वाधिक (नौ हजार से ज्यादा ) रही। अभी भी काफी लोग संख्या में कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए रुके हुए है। मेले में पशुपालकों एवं पशुओं की चिकित्सा, आवास आदि के पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई हैं।

मेले में भाग लेने के लिए विभिन्न यूरोपीय देशों से आए हुए दो हजार से भी अधिक पर्यटक भारतीय संस्कृति वैदिक परंपराओं और राजस्थानी लोक संस्कृति परिवेश धरोहर से प्रभावित है। ऊंट सफारी पर्यटकों के आनंद और राजस्थानी लोक संस्कृति के अध्ययन का केंद्र बिंदु रही है। ऊंट सफारी पर घूमते विदेशी पर्यटक मेले में खूबियों को कैमरे में शूट करते देखे जा रहें है। यहाँ यह बता देना उचित होगा की इस बार विदेशी सैलानियो की तादाद पिछले साल की तुलना में काफी कम है।

1 टिप्पणी:

amar ने कहा…

moomal yatra pryatan ke kshetra me ak achhi koshish he. yah bilkul sahi he ki bhartiya sanskriti ke darshan karvane wale is pavitra aayojan me polution aur gandgi barti ja rahi he. afsos he ki jis bat ko ham najarandaj kar rahe he use tourists mahsus karte hue raily tak nikal late he. yadi hame apne tourist industry ko sambhal kar rakhte hue isse videshi mudra kamani he to is bare me turant prabhav se sawdhani bartni hogi.